मौसम के कारक और क्रिकेट पर उनका असर
सुबह की पिच और शाम की पिच में ज़मीन-आसमान का फर्क होता है। बादल छाने पर गेंद हवा में अधिक स्विंग करती है, जिससे तेज़ गेंदबाज़ों को फायदा मिलता है। चंडीगढ़ जैसे उत्तरी मैदानों पर सर्दियों में ओस देर शाम पिच को धीमा कर देती है, जो दूसरी पारी की बल्लेबाज़ी को प्रभावित करती है। आर्द्रता अधिक होने पर सीम गेंदबाज़ी घातक
हो जाती है। फुटबॉल और कबड्डी की तुलना में क्रिकेट में मौसम परिवर्तन का सबसे सीधा असर स्कोरिंग पैटर्न पर पड़ता है। यह सारी जानकारी सिम्युलेटेड खेल संदर्भ और तटस्थ शैक्षणिक उद्देश्य के लिए प्रस्तुत है।